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तैराकी केवल एक खेल नहीं है। यह आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, आनंद और आवश्यकता पड़ने पर जीवन बचाने वाली सबसे महत्वपूर्ण जीवन कौशलों में से एक है।
तैराकी - खेल, आनंद और जीवन रक्षा
जर्मनी में गर्मियों का मौसम केवल तापमान में बदलाव नहीं लाता, बल्कि लोगों की जीवनशैली भी बदल जाती है। लगभग आठ से नौ महीनों तक ठंड, बादल, बारिश और कई क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद जैसे ही धूप खिलती है, पूरा देश झीलों (Lakes), नदियों (Rivers), समुद्री तटों (Beaches), स्विमिंग पूलों और वाटर पार्कों की ओर निकल पड़ता है। परिवार, मित्र और बच्चे इस मौसम का भरपूर आनंद लेते हैं। यही कारण है कि जर्मनी सहित अधिकांश यूरोपीय देशों में तैराकी (Swimming) को केवल एक मनोरंजक गतिविधि या खेल नहीं, बल्कि बचपन से सिखाया जाने वाला एक आवश्यक जीवन कौशल (Essential Life Skill) माना जाता है।
यूरोप के अनेक देशों में सरकारें, स्कूल, स्थानीय खेल संगठन और अभिभावक मिलकर बच्चों को प्रारम्भिक अवस्था से ही पानी के प्रति सहज और सुरक्षित बनाना अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। यहाँ तैरना सीखना उतना ही सामान्य माना जाता है जितना साइकिल चलाना सीखना। बच्चों को केवल तैरना ही नहीं सिखाया जाता, बल्कि जल सुरक्षा (Water Safety), आपातकालीन परिस्थितियों में सही निर्णय लेना और पानी के प्रति सम्मान रखना भी सिखाया जाता है।
इसी सोच का एक उत्कृष्ट उदाहरण इस वर्ष बर्लिन सरकार की ओर से देखने को मिला है। Berlin Senate Department for Education, Youth and Family Affairs ने गर्मियों की छुट्टियों के दौरान विद्यार्थियों के लिए 3,600 निःशुल्क स्विमिंग प्रशिक्षण (Free Swimming Lessons) की व्यवस्था की है। इनमें 3,000 स्थान प्राथमिक विद्यालय के बच्चों तथा 600 स्थान उन विद्यार्थियों के लिए निर्धारित किए गए हैं जिन्होंने अभी तक Bronze Swimming Badge प्राप्त नहीं किया है। यह पहल केवल बच्चों को तैराकी सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में होने वाली संभावित जल दुर्घटनाओं को कम करने की एक दूरदर्शी सामाजिक पहल भी है।
आज जर्मनी में भारतीय समुदाय तेजी से बढ़ रहा है। हजारों भारतीय विद्यार्थी, आईटी प्रोफेशनल, शोधकर्ता, चिकित्सक, इंजीनियर और उनके परिवार यहाँ अपना जीवन बिता रहे हैं। स्वाभाविक रूप से वे भी गर्मियों में जर्मनी की सुंदर झीलों और प्राकृतिक जलाशयों का आनंद लेना चाहते हैं। लेकिन इसी के साथ एक महत्वपूर्ण तथ्य को समझना भी आवश्यक है कि भारत और जर्मनी की जलवायु तथा जलाशयों की परिस्थितियाँ एक-दूसरे से काफी भिन्न हैं।
भारत में अनेक लोग बचपन से नदियों, तालाबों या समुद्र के आसपास बड़े होते हैं। विशेष रूप से तटीय राज्यों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में रहने वाले बहुत से लोग स्वाभाविक रूप से तैरना सीख जाते हैं। इसके विपरीत महानगरों में रहने वाले अधिकांश लोगों को तैराकी सीखने के लिए विशेष रूप से स्विमिंग पूलों में प्रशिक्षण लेना पड़ता है। यही कारण है कि शहरी जीवन में यह कौशल हमेशा सभी लोगों तक नहीं पहुँच पाता।
साथ ही यह भी समझना आवश्यक है कि यदि किसी व्यक्ति को भारत में तैरना आता है, तब भी इसका अर्थ यह नहीं कि वह जर्मनी की किसी भी झील या नदी में बिना जानकारी के सुरक्षित रूप से तैर सकता है। यहाँ की अनेक झीलों का पानी गर्मियों में भी अपेक्षाकृत ठंडा रहता है। कई स्थानों पर गहराई अचानक बढ़ जाती है, पानी के भीतर की सतह असमान होती है और कुछ झीलों में तापमान का अंतर शरीर पर अचानक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा निर्देश और निर्धारित Swimming Areas का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
पिछले कुछ वर्षों में भारत और विदेशों में कई ऐसी जल दुर्घटनाएँ हुई हैं जिन्होंने इस विषय की गंभीरता को एक बार फिर सामने रखा है। हाल ही में वियतनाम में एक पर्यटक नौका दुर्घटना में अनेक लोगों की जान चली गई, जिनमें भारतीय पर्यटक भी शामिल थे। इसी प्रकार भारत के विभिन्न राज्यों, विशेष रूप से मध्य प्रदेश सहित कई स्थानों पर नाव पलटने, बाँधों, नदियों और झीलों में डूबने की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं। इन दुर्घटनाओं के पीछे अनेक कारण हो सकते हैं—मौसम, सुरक्षा प्रबंधन की कमी, नाव की क्षमता से अधिक यात्री, लाइफ जैकेट का उपयोग न करना या स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी का अभाव। यह कहना उचित नहीं होगा कि हर दुर्घटना का कारण केवल तैरना न आना है, लेकिन विशेषज्ञ यह अवश्य मानते हैं कि तैराकी का ज्ञान कई परिस्थितियों में व्यक्ति के सुरक्षित बचने की संभावना को बढ़ा सकता है।
जर्मनी में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह विशेष रूप से आवश्यक है कि वे किसी भी झील, नदी या जलाशय में प्रवेश करने से पहले वहाँ लगे सभी सुरक्षा संकेतों को ध्यानपूर्वक पढ़ें। यदि किसी स्थान पर तैरना प्रतिबंधित है या केवल निर्धारित क्षेत्र में अनुमति है, तो उसका पालन अवश्य करें। बच्चों को कभी अकेला पानी के पास न छोड़ें, नाव या अन्य जल गतिविधियों के दौरान लाइफ जैकेट पहनें और यदि पानी की गहराई या तापमान की जानकारी न हो, तो बिना स्थानीय जानकारी के पानी में उतरने से बचें। हर वर्ष समाचारों में कई ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं जिन्हें थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से रोका जा सकता था।
तैराकी केवल जीवन रक्षा का माध्यम ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण शरीर के लिए सबसे उत्कृष्ट व्यायामों में से एक मानी जाती है। यह हृदय और फेफड़ों को मजबूत बनाती है, शरीर की लगभग सभी प्रमुख मांसपेशियों को सक्रिय करती है, मानसिक तनाव कम करती है, आत्मविश्वास बढ़ाती है और बच्चों में अनुशासन तथा संतुलन विकसित करती है। यही कारण है कि यूरोप में इसे खेल संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
यदि आप जर्मनी में रहते हैं और स्वयं या अपने बच्चों के लिए तैराकी सीखना चाहते हैं, तो लगभग प्रत्येक बड़े शहर में नगर प्रशासन द्वारा संचालित सार्वजनिक स्विमिंग पूल उपलब्ध हैं। इन स्थानों पर नियमित प्रशिक्षण, पारिवारिक सदस्यता, बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम तथा कई अवसरों पर रियायती अथवा निःशुल्क प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता है।
जर्मनी में झीलों के पास जाने से पहले क्या जानना चाहिए?
गर्मियों में सोशल मीडिया पर सुंदर झीलों की तस्वीरें देखकर कई लोग सीधे वहाँ पहुँच जाते हैं। लेकिन हर झील तैरने के लिए सुरक्षित नहीं होती।
ध्यान रखें—
- केवल अधिकृत Swimming Area में ही तैरें।
- चेतावनी बोर्ड अवश्य पढ़ें।
- पानी का तापमान जानें।
- गहराई का अनुमान स्वयं न लगाएँ।
- बच्चों को कभी अकेला न छोड़ें।
- यदि तैरना पूरी तरह नहीं आता तो गहरे पानी में न जाएँ।
- नाव या जल गतिविधियों के दौरान लाइफ जैकेट अवश्य पहनें।
- शराब पीकर कभी पानी में न उतरें।
- अकेले तैरने से बचें।
जर्मनी के प्रमुख शहरों के सार्वजनिक स्विमिंग पूलों की आधिकारिक Websites
अधिक जानकारी, सदस्यता, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं समय-सारणी के लिए आप निम्नलिखित आधिकारिक वेबसाइटों का उपयोग कर सकते हैं:
Berlin
www.berlinerbaeder.de
Berlin – Free Swimming Course Registration
www.schwimmkurse-sportjugend.de
Frankfurt am Main
www.frankfurter-baeder.de
Munich (München)
www.swm.de/baeder
Hamburg
www.baederland.de
Cologne (Köln)
www.koelnbaeder.de
Stuttgart
www.stuttgarterbaeder.de
Nürnberg
www.nuernbergbad.de
Dresden
www.dresdner-baeder.de
Magdeburg
www.magdeburg.de
इन वेबसाइटों पर आप अपने शहर के सार्वजनिक स्विमिंग पूलों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, शुल्क, समय-सारणी तथा उपलब्ध सुविधाओं की नवीनतम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
यूरोप में तैराकी केवल खेल नहीं, एक संस्कृति है
जर्मनी, स्वीडन, डेनमार्क, नीदरलैंड, नॉर्वे और फ़िनलैंड जैसे अनेक यूरोपीय देशों में बच्चों को बहुत छोटी उम्र से ही पानी के साथ सहज होना और सुरक्षित तैरना सिखाया जाता है। यहाँ सरकारें आधुनिक स्विमिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करती हैं, स्कूल खेल शिक्षा में तैराकी को विशेष महत्व देते हैं, स्थानीय स्पोर्ट्स क्लब नियमित प्रशिक्षण आयोजित करते हैं और माता-पिता भी इसे बच्चों की सामान्य शिक्षा तथा व्यक्तित्व विकास का आवश्यक हिस्सा मानते हैं। यह सोच वर्षों में इसलिए विकसित हुई है क्योंकि गर्मियों के दौरान लाखों लोग झीलों, नदियों, समुद्री तटों और सार्वजनिक स्विमिंग पूलों में समय बिताते हैं। ऐसे में तैराकी केवल मनोरंजन या प्रतियोगिता का माध्यम नहीं रहती, बल्कि स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, अनुशासन और जल सुरक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सामाजिक संस्कृति बन जाती है।
जर्मनी की गर्मियाँ प्रकृति का आनंद लेने का सुंदर अवसर प्रदान करती हैं। झीलों, नदियों और समुद्री तटों की सुंदरता हर किसी को आकर्षित करती है, लेकिन प्रकृति का आनंद तभी सुरक्षित होता है जब उसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हो। तैराकी केवल एक खेल या मनोरंजन नहीं है; यह स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और आवश्यकता पड़ने पर जीवन बचाने वाला एक अमूल्य कौशल है। यदि हम स्वयं तैरना सीखें, अपने बच्चों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करें और स्थानीय सुरक्षा नियमों का पालन करें, तो गर्मियों की यादें केवल सुंदर अनुभव बनेंगी, दुर्घटनाओं की खबरें नहीं।
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ज्ञान की कोई भाषा नहीं होती, लेकिन अपनी भाषा में ज्ञान प्राप्त करने का आनंद अवश्य अलग होता है।